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Thursday, June 23, 2016

टेट याचियों की आइए और शिक्षामित्र

         ■टेट याचियों की आइए और शिक्षामित्र■
✍इक साथी ने किसी टेट याची की पोस्ट डाली जिस में वो अपनी नियुक्ति न होने को मौलिक अधिकार बता रहा था। बात तो ठीक भी है लेकिन ये मौलिक अधिकार वरीयता क्रम में आखरी है।
पहला शिक्षामित्रों का फिर बीटीसी का। यहाँ बीएड का नाम लिखना धृष्टता होगी। जो हम नहीं करेंगे।
क्योकि
पैरा 9 B
qualifying  the TET  would  not confer  a  right  on  any person  for recruitment/employment as it  is  only  one  of the eligibility  criteria  for appointment.
✍अब बात करते हैं वकन्सिज़ की खाली पदों की।
जिन पर टेट याचियों द्वारा लगातार आइए डाली गई।
हमने इन आइए का अध्ययन करने पर पाया।
there are more that 4.86 lacs vacant posts in class I to V. The true typed copy of decision of state Assembly dated 14.02.2014
साफ़ है इनलोगो ने अपनी आइए में 14 फरवरी के शिक्षामित्रों के समायोजन के कैबिनेट डिसीजन को आधार बनाया है।
✍ये भूल कर की 170000 पोस्ट को राज्य सरकार रिजर्व कर चुकी थी और 2011 से 2016 तक लगातार इन पदों पर केंद्र द्वारा मानदेय और वेतन की संस्तुति होती रही है।
●इन्हें ये भी नहीं पता कि ये सभी पद केंद्र सरकार के लिये एसएसए कैडर में रखे गए थे और ये राज्य के कैडर की रिक्तियां नहीं थी।
अब बात करते हैं इन सब "आइए" में याचियों ने शिक्षामित्रों को हटाने के लिए किस बिंदु को आधार बनाया है? There was also a challenge to a further Government Order dated 19.06.2014 implementing the decision of the State Government to absorb Shiksha Mitras into regular service.
कहने का अर्थ ये कि 16 क को आधार बना कर बार बार हमला किया जा रहा है।
और हमारे संघ और टीम के लोग इस अपेंडिक्स के ऑपरेशन पर खामोश हैं।
यही कारण है कि हम अपने दर्द की दवा खुद करने चल पड़े...
✍रबी बहार**&केसी सोनकर और साथी*।।

72825 भर्ती एक राजनैतिक अनुकम्पा।।


"72825" एक राजनैतिक अनुकम्पा‼
✍बीएड का बेसिक स्कुल में नौकरी पाना एक अवैध घुसपैठ है। और ये घुसपैठ कब कब और कैसे हुई आइये इस की पड़ताल करते हैं।
     बीएड घुसपैठिये बेसिक शिक्षा में वर्ष 1998 में पहली बार एक छोटी सुरंग से दाखिल हुए।
इस के बाद देश में वर्ष 2001-2 एसएसए आ गया और राज्य सरकार ने शिक्षकों की कमी बता कर बीएड भर्ती की एनसीटीई से अनुमति मांगी इस तरह
In this context references are made to Special B.T.C. 2004, 2007-08 and 2010.
तक बीएड की प्राइमरी में घुसपैठ कराई जाती रही।
जिस के लिए सरकार ने 1981 नियमावली में दसवां संशोधन किया।
Government order dated 14th January, 2004 is also made by which Special BTC was initiated for training 46,179 B.Ed./LT/B.P.Ed./C.P.Ed. passed candidates. Relevant paragraphs of the said Government order dated 14th January, 2004 are as follows:-

"In exercise of the powers under Section 19 of the Uttar Pradesh Basic Education Act, 1972 (U.P. Act No.34 of 1972), the Governor is pleased to make the following rules with a view to amending the Uttar Pradesh Basic Education (Teachers) Service Rules, 1981 (1981-LLT-V-147[117]):
1. Short title and commencement. - (1) These Rules may be called the Uttar Pradesh Basic Education (Teachers) Service (Tenth Amendment) Ruiles, 2004.
अब बताते हैं हम इसे घुसपैठ क्यों कह रहे हैं?
क्योंकि केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वर्ष 2010 तक बीएड को बेसिक स्कुल में भर्ती की इज़ाज़त नहीं थी।
✍बस इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने बीएड को बेसिक में भर्ती करने को लेकर क़ानूनी डिक्शनरी में जितने भी घटिया शब्द है सब प्रयुक्त किये। हम अगर अपनी भाषा में कहें तो इनको ..........की तरह दुत्कारा है।
B.Ed is not a substitute for basic teachers training programme. Hence the qualification prescribed for the post of PRT extent or bachelor degree and B.Ed is illegal, unconstitutional and invalid.
     आरटीई लागू हो जाने के बाद फिर इनपर राजनैतिक अनुकम्पा हुई और वर्ष 2012 में इन को 72825 के रूप में फिर घुसपैठ कराई गई।
वर्तमान में इनकी घुसपैठ अंतिम है। 72825 को इंट्री मिल गई है इससे एक भी ज़्यादा घुसपैठ नहीं कर सकेगा। अधिक जानकारी के लिए इस पोस्ट के भाग 1व्2 पढ़ें।
✍रबी बहार**&केसी सोनकर और साथी*।।